एक और सफर

अभी चलना जरुरी है!!!!!!!


Anil Krangru
वक्त की मंझधार में चलना अभी जरुरी है, कदम अभी रुके नहीं चलना अभी मज़बूरी है, 
लाख कर ले कोशिश जमाना भी अब से हम तो सफर में है, उनका जलना भी जरुरी है ,
मुसाफिर हूँ यारों मंजिल मिलना भी जरुरी है , कौन साथ रहा कौन छोड़ गया राहों में आज ये जानना भी जरुरी है!

वक्त का पहिया किस ओर जा के रुकेगा अब ईसपे भी गौर करना जरुरी है,
न लाया था न ले के जाओगे सुना है ेअन्तिम समय में भी किसी ओर कन्धों पे जाओगे ,
फिर भी चलना जरुरी है, ज़माने का जलना भी जरुरी है.!!

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